Wednesday, 23 April 2014

पुण्यार्कवनस्पतितन्त्रम्- 13

(7)            हरश्रिंगार(हरसिंगार) का बाँदायह भी जाना पहचाना पौधा है। इसके पौधे मध्यम कद-काठी के होते हैं,और कटे किनारों वाले छोटे-छोटे पत्ते।खूबसूरत सफेद(नारंगी डंठल युक्त) फूल- सुबह-सुबह बृक्ष के चारों ओर गोल घेरे में पसरे- भीनी-भीनी सुगन्ध विखेरते मिलेंगे।यदि आसपास कहीं हरसिंगार का एक भी पौधा है,तो सारा वातावरण रजनीगंधा सा सुवासित हो जाता है।हरसिंगार में बाँदा होना अति दुर्लभ है।संयोग से कहीं प्राप्त हो जाय तो इसे हस्ता नक्षत्र में पूर्व निर्दिष्ट विधि से घर लाकर,पूर्व वर्णित विधि से स्थापन-पूजन कर लें और बक्से, तिजोरी,आलमीरे में यथोचित स्थान पर रख छोड़ें।छोटे टुकड़े को ताबीज में भर कर भुजा अथवा गले में धारण भी कर सकते हैं।जरुरतमन्द को आशीर्वाद स्वरुप दे भी सकते हैं।अक्षय लक्ष्मी के आमन्त्रण के लिए यह बड़ा ही अद्भुत् है।
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