पुण्यार्कवास्तुमंजूषा-92

गतांश से आगे....अध्याय अठारह भाग सात

अब,आगे दिये जा रहे,बहुमंजिले आवासीय फ्लैट्स चित्रसंख्या २ को जरा ध्यान से देखें।

सारी बातें पूर्व चित्र के तरह ही है,अन्तर सिर्फ इतना है कि प्रत्येक फ्लैटों की विभाजन रेखा के भीतर लाल रंग की एक और विभाजन रेखा नजर आ रही है।इसे यहाँ दिखाने का खास उद्देश्य है।पूर्व अध्याय(१३ख) में परिसर-बन्धन क्रम में ऊपर छत की रेलिंग पर चारो ओर से तांबे का पतला तार बांधने का सुझाव दिया गया है।कुछ वैसी ही क्रिया यहाँ भी करनी है, किंचित वैधिक-भिन्नता के साथ।अर्थिंगवायर के नाम से बाजार में उपलब्ध शुद्ध तांबे वाला तार-जिस पर धागा लिपटा हुआ रहता है- आठ से अठारह तक के  विभिन्न नंबरों में आता है।इसका उपयोग विभिन्न वास्तुदोषों के निवारण हेतु किया जा सकता है। अलग-अलग कार्यों(दोषों की न्यूनाधिक स्थिति) के अनुसार मोटे-पतले तार का उपयोग किया जाता है।यहाँ इस कार्य के लिए दस या बारह नंबर का अर्थिंग वायर उपयुक्त होगा।दिये गये चित्र के अनुसार प्रत्येक फ्लैट को चारो ओर से तार से धेरना है।तदनुसार तार की व्यवस्था कर लेनी होगी। विधि यहाँ दी जा रही है।

क्रमशः....

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