Thursday, 18 May 2017

पुण्यार्कमगदीपिकाःमेरी अगली योजना

 प्रिय बन्धओं,

आपका स्नेह सदा मिलते रहता है,जो मेरे लिए प्रेरमास्रोत बनता है। इसके लिए आप सभी विजिटरों को साधुवाद।

इस ब्लॉग पर मेरी अगली पोस्टिंक की तैयारी चल रही है- पुण्यार्कमगदीपिका की। पुस्तक का मुखपृष्ठ आपके सामने है। विषयवस्तु की चर्चा अगले पोस्ट में करुंगा।
धन्यवाद।


                                             कहां—क्या

        क्रम.             विषय
१.                  पुरोवाक्
२.                  मगागमन की पृष्ठभूमि और नारद की विकलता
३.                  मेरी व्यथा
४.                  कलापग्राम : रहस्यमय यात्रा
५.                  देवर्षि नारद का प्रथम प्रश्न और सुतनु ब्राह्मण वटुक  द्वारा  तदुत्तर
६.                  सृष्टि-संरचना और पौराणिक भूगोल
७.                  मगोत्पत्तिःकारण और उत्कर्ष
८.                  शाकद्वीप से जम्बूद्वीप आगमन(साम्ब-सूर्य-याग)
९.                 मगोपाख्यानःबहत्तरपुर(पं.वृहस्पति पाठक)का ग्राम्यगीत(संकलन)
१०.              अन्यान्य पुरतालिका(किरणादि सहित)
११.              पुर-गोत्रादि विचार और औचित्य
१२.              ऐतिहासिक शिलालेखीय प्रमाण
१३.              सामाजिक ईर्ष्या (गैर शाकद्वीपियों द्वारा विरोध और अवमानना)
१४.              विडम्बना
१५.              सुपथ और समाधान के रास्ते (संध्या-रहस्य सहित)
१६.              कुलदेवता/देवी की अवधारणा और औचित्य
१७.              कुलदेवता/देवी  पूजा की संक्षिप्त और विस्तृत विधि

१८.              उपसंहार